संविधान के अनुच्छेद 82 के अधीन, प्रत्येक जनगणना के पश्चात् कानून द्वारा संसद एक परिसीमन अधिनियम को अधिनियमित करती है। अधिनियम का होने के पश्चात् केन्द्रीय सरकार एक परिसीमन आयोग का गठन करती है। परिसीमन आयोग परिसीमन अधिनियम के उपबंधों के अनुसार संसदीय निर्वाचन क्षेत्रों के सीमाओं को सीमांकित करता है। निर्वाचन क्षेत्रों का वर्तमान परिसीमन 1971 के जनगणना आँकड़ों पर आधारित है। द सन् 2000 के बाद पहली जनगणना होने तक निर्वाचन क्षेत्रों का परिसीमन न करने के लिए भारत के संविधान को विशेष रूप से 1976 में संशोधित किया गया था। इस प्रकार 1971 की जनगणना के आधार पर बनाए गए निर्वाचन क्षेत्र अभी चल रहे हैं।
सन् 2001 की जनगणना के आँकड़े 31 दिसम्बरर 2003 को जारी कर दिए गए थे। इन आँकड़ों को उपयोग में लाते हुए एक नयी परिसीमन प्रक्रिया जारी है।

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